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Effective Musculoskeletal Rehabilitation with Custom Made Orthosis in patients of Cerebral Palsy

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  सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) मैं ऑर्थोटिक्स द्वारा प्रभावी पुनर्वास सेरेब्रल पाल्सी (CP) बच्चों में होने वाली एक न्यूरो-मस्कुलर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क के विकास के दौरान या जन्म के आसपास हुई क्षति के कारण चलने-फिरने, संतुलन, मांसपेशियों के नियंत्रण और दैनिक गतिविधियों (ADL) में कठिनाइयाँ आती हैं। हर CP बच्चा अलग होता है—इसलिए उपचार भी व्यक्तिगत (customized) होना चाहिए। सेरेब्रल पाल्सी के सामान्य लक्षण मांसपेशियों में जकड़न (Spasticity) या ढीलापन पैरों का अंदर/बाहर मुड़ना, पंजों के बल चलना संतुलन की कमी, बार-बार गिरना बैठने, खड़े होने व चलने में कठिनाई हाथ-पैरों की असमान गतिविधि समय के साथ जोड़ों में अकड़न व विकृति (Deformity) सेरेब्रल पाल्सी के कारण गर्भावस्था के दौरान मस्तिष्क विकास में बाधा समय से पहले जन्म (Prematurity) जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी जन्म के बाद संक्रमण या मस्तिष्क चोट समय पर उपचार न होने के दीर्घकालिक प्रभाव यदि CP बच्चे को समय रहते उचित ऑर्थोटिक हस्तक्षेप और प्रशिक्षण न मिले, तो: स्थायी विकृतियाँ (Fixed d...

कृत्रिम अंग को लेकर आम मिथक और गलतियाँ – Prosthetist की Prescriptive सलाह

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कृत्रिम अंग को लेकर आम मिथक और गलतियाँ – Prosthetist की Prescriptive सलाह  अम्प्यूटेशन के बाद मरीज और उसके परिवार के मन में कई शंकाएँ और भ्रांतियाँ होती हैं। सही समय पर सही मार्गदर्शन न मिलने से कुछ ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं, जो आगे चलकर चलने-फिरने, आत्मविश्वास और जीवन-गुणवत्ता (Quality of Life) को प्रभावित करती हैं। नीचे सबसे आम मिथकों के साथ उनका वैज्ञानिक और व्यावहारिक स्पष्टीकरण दिया गया है। मिथक 1: “सभी Prosthesis एक जैसे होते हैं” सच्चाई: हर मरीज की शारीरिक स्थिति, स्टम्प का आकार, ताकत, उम्र और गतिविधि-स्तर अलग होता है। इसलिए कस्टम-प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य है। गलत चयन से दर्द, असंतुलन और गलत चाल विकसित हो सकती है। मिथक 2: “Prosthesis लगते ही मरीज सामान्य चलने लगेगा” सच्चाई: Prosthesis के साथ Gait Training, वजन ट्रांसफर, संतुलन अभ्यास जरूरी हैं। बिना ट्रेनिंग के गलत चाल (Wrong Gait Pattern) बन जाती है, जिसे बाद में सुधारना कठिन होता है। मिथक 3: “शुरुआती दर्द या असहजता का मतलब Prosthesis बेकार है” सच्चाई: शुरुआती एडजस्टमेंट फेज़ में हल्की असहजता सामान्य हो सकती है, लेकिन लगात...

प्रोस्थेसिस के साथ जीवन की नई शुरुआत: शुरुआती गेट ट्रेनिंग और सही मार्गदर्शन का महत्व

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प्रोस्थेसिस के साथ जीवन की नई शुरुआत: शुरुआती गेट ट्रेनिंग क्यों है निर्णायक अम्प्यूटेशन के बाद प्रोस्थेसिस पहनना केवल एक उपकरण को अपनाना नहीं है, बल्कि शरीर, दिमाग और आत्मविश्वास—तीनों को नए तरीके से प्रशिक्षित करना है।  एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट के दृष्टिकोण से यह समझना बहुत ज़रूरी है कि शुरुआती गेट ट्रेनिंग सही न हो तो आगे चलकर समस्याएँ बढ़ सकती हैं। अगर शुरुआती गेट ट्रेनिंग न हो तो क्या हो सकता है? कई बार मरीज बिना उचित मार्गदर्शन के चलना शुरू कर देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि वे: गलत चाल (Wrong Gait Pattern) अपना लेते हैं प्रोस्थेटिक साइड पर वज़न कम और दूसरी साइड पर ज़्यादा डालते हैं लंगड़ाकर चलने की आदत विकसित कर लेते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार गलत गेट पैटर्न बन गया, तो बाद में उसे सुधारना कठिन हो जाता है । इसमें ज़्यादा समय, मेहनत और कभी-कभी अतिरिक्त दर्द भी सहना पड़ सकता है। इसलिए शुरुआत से ही सही ट्रेनिंग गेम चेंजर साबित होती है। शुरुआती गेट ट्रेनिंग का वास्तविक महत्व सही गेट ट्रेनिंग से मरीज सीखता है: प्रोस्थेसिस पर सही तरीके से...

प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल

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  प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल अम्प्यूटेशन के बाद का समय मरीज और परिवार—दोनों के लिए बहुत संवेदनशील होता है। इस दौरान स्टम्प (कटे हुए हिस्से) की सही देखभाल भविष्य की प्रोस्थेटिक फिटिंग, आराम और चलने की क्षमता को तय करती है। एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट व ऑर्थोटिस्ट के रूप में, यहाँ स्टम्प केयर के वे ज़रूरी बिंदु दिए जा रहे हैं जिन्हें हर अम्प्यूटी को अपनाना चाहिए। 1) घाव की स्वच्छता और निरीक्षण घाव को रोज़ साफ़ रखें, डॉक्टर द्वारा बताई गई ड्रेसिंग समय पर बदलें। लालिमा, सूजन, बदबू या रिसाव दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। 2) सूजन (एडेमा) नियंत्रण इलास्टिक बैंडेज/श्रिंकर सॉक का सही तरीके से उपयोग करें। इससे स्टम्प का आकार नियंत्रित रहता है और आगे प्रोस्थेसिस फिटमेंट आसान होता है। 3) त्वचा की सुरक्षा स्टम्प की त्वचा को रोज़ मॉइस्चराइज़ करें (डॉक्टर की सलाह अनुसार)। कट, फफोले या जलन से बचाव करें—यही आरामदायक सॉकेट की कुंजी है। 4) सही पोज़िशनिंग और हल्के व्यायाम गलत पोज़िशन से जोड़ अकड़ सकते हैं।  हल्के व्यायाम करें ताकि मांसपेशियाँ मजबूत ...

Understanding Amputation & Recovery by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

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  amputation (अंग कटना) और Recovery को समझना रोगी और परिवार के लिए सरल मार्गदर्शिका कई बार डायबिटीज, गंभीर संक्रमण, गैंग्रीन, एक्सीडेंट, नसों की खराबी या ट्यूमर जैसी परिस्थितियाँ इतनी बढ़ जाती हैं कि amputation (अंग काटना) जीवन बचाने और आगे बेहतर जीवन की ओर बढ़ने का सही विकल्प बन जाता है। यह निर्णय आसान नहीं होता—न रोगी के लिए, न परिवार के लिए। सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और सही टीम इस यात्रा को आसान बना सकती है। Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) , Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) Pre-amputation काउंसलिंग के माध्यम से रोगी और परिवार को इस बदलाव के लिए मानसिक, शारीरिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करते हैं। Pre-Amputation काउंसलिंग क्यों ज़रूरी है? amputation का कारण और स्तर समझना क्या उम्मीद रखें —ऑपरेशन के बाद क्या होगा प्रोस्थेसिस (कृत्रिम अंग) की संभावनाएँ डर, भ्रम और गलतफहमियाँ दूर करना परिवार की भूमिका स्पष्ट करना आम सवाल (FAQs) — जो हर मरीज और परिवार पूछता है 1. क्या amputation के बाद जीवन सामान्...