प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल
प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल
अम्प्यूटेशन के बाद का समय मरीज और परिवार—दोनों के लिए बहुत संवेदनशील होता है। इस दौरान स्टम्प (कटे हुए हिस्से) की सही देखभाल भविष्य की प्रोस्थेटिक फिटिंग, आराम और चलने की क्षमता को तय करती है। एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट व ऑर्थोटिस्ट के रूप में, यहाँ स्टम्प केयर के वे ज़रूरी बिंदु दिए जा रहे हैं जिन्हें हर अम्प्यूटी को अपनाना चाहिए।
1) घाव की स्वच्छता और निरीक्षण
घाव को रोज़ साफ़ रखें, डॉक्टर द्वारा बताई गई ड्रेसिंग समय पर बदलें। लालिमा, सूजन, बदबू या रिसाव दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
2) सूजन (एडेमा) नियंत्रण
इलास्टिक बैंडेज/श्रिंकर सॉक का सही तरीके से उपयोग करें। इससे स्टम्प का आकार नियंत्रित रहता है और आगे प्रोस्थेसिस फिटमेंट आसान होता है।
3) त्वचा की सुरक्षा
स्टम्प की त्वचा को रोज़ मॉइस्चराइज़ करें (डॉक्टर की सलाह अनुसार)। कट, फफोले या जलन से बचाव करें—यही आरामदायक सॉकेट की कुंजी है।
4) सही पोज़िशनिंग और हल्के व्यायाम
गलत पोज़िशन से जोड़ अकड़ सकते हैं। हल्के व्यायाम करें ताकि मांसपेशियाँ मजबूत रहें और कॉन्ट्रैक्चर न बने।
5) दर्द और फैंटम सेंसैशन का प्रबंधन
हल्की मसाज, थेरेपी और नियमित फॉलो-अप मददगार होते हैं। दर्द बढ़े तो स्वयं दवा न लें।
6) समय पर प्रोस्थेटिक परामर्श
प्रोस्थेसिस लगाने से पहले सही मूल्यांकन, सॉकेट डिज़ाइन और कंपोनेंट चयन बेहद ज़रूरी है।
Foot Care Jaipur में Dr. Rajiv Agrawal, Clinical Director (Prosthetics & Orthotics), के नेतृत्व में मरीज-विशेष मूल्यांकन किया जाता है ताकि फिटमेंट आरामदायक, सुरक्षित और लंबे समय तक प्रभावी रहे।
निष्कर्ष
स्टम्प केयर में लापरवाही भविष्य की पुनर्वास यात्रा को कठिन बना सकती है। सही देखभाल + विशेषज्ञ मार्गदर्शन = बेहतर चाल, कम दर्द और तेज़ रिकवरी।

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