हेमीपेरेसिस (Hemiparesis) में ऑर्थोटिक्स की भूमिका by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)
हेमीपेरेसिस (Hemiparesis) में ऑर्थोटिक्स की भूमिका प्राकृतिक चाल (Natural Gait) की ओर पुनर्वास का मार्ग लेखक: डॉ. राजीव अग्रवाल Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) Foot Care Jaipur – Artificial Limb Clinic Since 1998 प्रस्तावना जब किसी व्यक्ति के शरीर के एक तरफ के हिस्से (Right या Left side) में कमजोरी आ जाती है, तो उसे चिकित्सा भाषा में Hemiparesis (हेमीपेरेसिस) कहा जाता है। यह स्थिति अक्सर स्ट्रोक (Stroke), ब्रेन इंजरी, सेरेब्रल पाल्सी, या न्यूरोलॉजिकल बीमारी के बाद देखी जाती है। हेमीपेरेसिस में मरीज का चलने का तरीका (Gait Pattern) पूरी तरह बदल जाता है। पैर को उठाने में कठिनाई, पैर घसीटना, संतुलन की कमी और गिरने का डर आम समस्याएँ होती हैं। ऐसी स्थिति में Orthotics (ऑर्थोटिक सपोर्ट) विशेष रूप से AFO – Ankle Foot Orthosis मरीज को सुरक्षित, स्थिर और अधिक प्राकृतिक चाल (Natural Walking Pattern) की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले 25+ वर्षों से Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में हमने स्ट्रोक और हेमीपेरेसिस के हजारों मरीज...