Posts

Showing posts with the label HiTech Prosthesis

ऑटिज़्म से ग्रसित बच्चों के लक्षण, कारण और ऑर्थोटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

Image
  ऑटिज़्म से ग्रसित बच्चों के लक्षण, कारण और ऑर्थोटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका आज के समय में “ऑटिज़्म” (Autism Spectrum Disorder – ASD) को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन फिर भी बहुत-से माता-पिता इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते। समय पर पहचान और सही रिहैबिलिटेशन सपोर्ट बच्चे के भविष्य को बेहतर बना सकता है। यह लेख ऑटिज़्म से जुड़े प्रमुख लक्षणों, संभावित कारणों, पारिवारिक सावधानियों तथा ऑर्थोटिस्ट और ऑर्थोटिक्स की भूमिका को सरल भाषा में समझाने का प्रयास है। ऑटिज़्म क्या है? ऑटिज़्म एक न्यूरो-डेवलपमेंटल कंडीशन है, जिसमें बच्चे के व्यवहार, सामाजिक संपर्क, संचार क्षमता और मूवमेंट पर प्रभाव पड़ता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक स्पेक्ट्रम है – यानी हर बच्चा अलग तरह से प्रभावित होता है। ऑटिज़्म से ग्रसित बच्चों के सामान्य लक्षण 1. सामाजिक और व्यवहारिक लक्षण आँखों में आँख डालकर बात न करना नाम पुकारने पर प्रतिक्रिया न देना अकेले रहना पसंद करना भावनाओं को समझने या व्यक्त करने में कठिनाई एक ही गतिविधि को बार-बार दोहराना (Repetitive Behavior) 2. संचार (Communi...

पिजन चेस्ट (Pectus Carinatum): ऑर्थोटिस्ट की दृष्टि से by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

Image
  पिजन चेस्ट (Pectus Carinatum): ऑर्थोटिस्ट की दृष्टि से लेखक: डॉ. राजीव अग्रवाल, P&O Clinical Director – Prosthetics & Orthotics Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) शुरुआती लक्षण – जिन्हें परिवार आसानी से पहचान सकता है पिजन चेस्ट एक छाती की विकृति है, जिसमें छाती की हड्डी आगे की ओर उभरी हुई दिखाई देती है। इसके शुरुआती संकेत अक्सर बचपन या किशोरावस्था में दिखते हैं: छाती का आगे की ओर निकलना (पक्षी के सीने जैसा) कपड़े पहनने पर छाती का असामान्य उभार साफ दिखना खेलकूद या दौड़ने पर थकान या सांस फूलना बच्चे का आत्मविश्वास कम होना या सामाजिक झिझक माता-पिता को “धीरे-धीरे बढ़ती विकृति” का एहसास होना समय रहते पहचान न हो तो किशोरावस्था में यह विकृति तेजी से बढ़ सकती है। पिजन चेस्ट के कारण विकास के दौरान हड्डियों का असंतुलित बढ़ना आनुवंशिक कारण (परिवार में इतिहास) कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर तेज़ ग्रोथ स्पर्ट के समय कॉस्टल कार्टिलेज का अधिक विकास ग्रोथ रेट कैसे कम की जा सकती है? अर्ली डिटेक्शन और समय पर ऑर्थोटिक हस्तक्षेप ...

प्रोस्थेटिक लिम्ब्स (Artificial Limbs) के प्रकार और आधुनिक तकनीकें

Image
  प्रोस्थेटिक लिम्ब्स (Artificial Limbs) के प्रकार और आधुनिक तकनीकें Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) के विशेषज्ञ दृष्टिकोण से किसी भी कारणवश अंग-विच्छेदन (Amputation) के बाद जीवन रुकता नहीं है—सही प्रोस्थेटिक लिम्ब और उचित तकनीक व्यक्ति को फिर से आत्मनिर्भर बना सकती है। लेकिन इसके लिए आवश्यक है सही मूल्यांकन, सही प्रिस्क्रिप्शन और अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट की देखरेख । Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) पिछले तीन दशकों से इसी लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है, जहाँ अनुभवी टीम का नेतृत्व Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) कर रहे हैं। 1. निचले अंगों (Lower Limb) की प्रोस्थेसिस (a) Below Knee Prosthesis (BK / Transtibial) घुटने के नीचे कटे हुए अंग के लिए बेहतर बैलेंस, कम ऊर्जा खर्च कार्बन सॉकेट, डायनेमिक फुट, शॉक एब्जॉर्बिंग सिस्टम सही फिटिंग से चाल (Gait) लगभग सामान्य हो सकती है (b) Above Knee Prosthesis (AK / Transfemoral) घुटने के ऊपर कटे अंग के लिए तकनीकी रूप से अधिक जटिल विकल्प: सिंग...