Amputee Motivation - Self Confidence and Independence by Dr Rajiv Agrawal, Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
अम्प्यूटी मोटिवेशन: आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता तक (एक प्रेरणादायक मार्गदर्शन – मरीज, परिवार और प्रोस्थेटिस्ट की साझा भूमिका) अम्प्यूटेशन केवल शरीर के किसी हिस्से का नुकसान नहीं होता, यह व्यक्ति के मन, आत्मविश्वास और जीवन-दृष्टि की भी परीक्षा होती है। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और वैज्ञानिक प्रोस्थेटिक रिहैबिलिटेशन से एक अम्प्यूटी न केवल सामान्य जीवन जी सकता है, बल्कि बेहतर प्रदर्शन और पूर्ण आत्मनिर्भरता भी प्राप्त कर सकता है। मानसिक शक्ति: सबसे पहला और सबसे ज़रूरी कदम किसी भी कृत्रिम अंग (Artificial Limb) की सफलता की नींव माइंडसेट पर टिकी होती है। “मैं कर सकता हूँ” की सोच डर और हीनभावना से बाहर निकलना प्रोस्थेसिस को बोझ नहीं, एक अवसर की तरह स्वीकार करना याद रखें: प्रोस्थेसिस शरीर को चलाता है, लेकिन जीवन को आगे बढ़ाता है आपका मन। परिवार की भूमिका: सहारा बने, सीमा नहीं परिवार अम्प्यूटी के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन: अति-निर्भरता से बचें सहानुभूति दें, दया नहीं प्रयासों को सराहें, असफलता से डराएँ नहीं रिहैब...