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Custom Made Insoles / Orthotics Vs Ready Insoles - A Comparison and long term impacts - Foot Care Jaipur

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  फ्लैट फुट में रेडीमेड इनसोल बनाम कस्टम ऑर्थोटिक्स गलत सपोर्ट से बढ़ती समस्या और सही बायोमैकेनिकल समाधान आजकल फ्लैट फुट (Flat Foot) या पैरों के दर्द की समस्या में लोग आसानी से मिलने वाले रेडीमेड इनसोल का उपयोग करने लगते हैं। देखने में यह आसान और सस्ता समाधान लगता है, लेकिन लंबे समय में यह पैरों की बायोमैकेनिक्स को बिगाड़कर समस्या को और गंभीर बना सकता है।  पैर की बायोमैकेनिक्स को समझना क्यों ज़रूरी है? मानव पैर में 26 हड्डियाँ, 33 जोड़ और 100 से अधिक मांसपेशियाँ व लिगामेंट्स होते हैं। इन सभी का काम है: शरीर का वजन सही अनुपात में बाँटना एड़ी से आगे की ओर स्मूद वेट ट्रांसफर आर्च (Arch) के माध्यम से शॉक एब्जॉर्प्शन  जब यह वेट ट्रांसफर तय अनुपात में नहीं होता, तो दर्द केवल पैर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि घुटनों, कमर और रीढ़ तक पहुँच जाता है।  रेडीमेड इनसोल के दुष्प्रभाव रेडीमेड इनसोल “One Size Fits All” सिद्धांत पर बनाए जाते हैं, जबकि हर व्यक्ति का पैर अलग होता है। संभावित नुकसान: आर्च की गलत ऊँचाई से ओवर-कररेक्शन या अंडर-सपोर्ट एड़ी और फोर...

Amputee Motivation - Self Confidence and Independence by Dr Rajiv Agrawal, Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)

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   अम्प्यूटी मोटिवेशन: आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता तक  (एक प्रेरणादायक मार्गदर्शन – मरीज, परिवार और प्रोस्थेटिस्ट की साझा भूमिका) अम्प्यूटेशन केवल शरीर के किसी हिस्से का नुकसान नहीं होता, यह व्यक्ति के मन, आत्मविश्वास और जीवन-दृष्टि की भी परीक्षा होती है। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और वैज्ञानिक प्रोस्थेटिक रिहैबिलिटेशन से एक अम्प्यूटी न केवल सामान्य जीवन जी सकता है, बल्कि बेहतर प्रदर्शन और पूर्ण आत्मनिर्भरता भी प्राप्त कर सकता है।  मानसिक शक्ति: सबसे पहला और सबसे ज़रूरी कदम किसी भी कृत्रिम अंग (Artificial Limb) की सफलता की नींव माइंडसेट पर टिकी होती है। “मैं कर सकता हूँ” की सोच डर और हीनभावना से बाहर निकलना प्रोस्थेसिस को बोझ नहीं, एक अवसर की तरह स्वीकार करना  याद रखें: प्रोस्थेसिस शरीर को चलाता है, लेकिन जीवन को आगे बढ़ाता है आपका मन।  परिवार की भूमिका: सहारा बने, सीमा नहीं परिवार अम्प्यूटी के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन: अति-निर्भरता से बचें सहानुभूति दें, दया नहीं प्रयासों को सराहें, असफलता से डराएँ नहीं रिहैब...