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Showing posts from December, 2025

Awareness & Rights of Amputees - An Amputee and Family should know by Foot Care Jaipur

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  अम्प्यूटी जागरूकता एवं अधिकार (Awareness & Rights of Amputees) अंग विच्छेदन (Amputation) के बाद जीवन समाप्त नहीं होता—सही जानकारी, अधिकारों की समझ और उचित पुनर्वास से जीवन फिर से आत्मनिर्भर बन सकता है। इस लेख का उद्देश्य अम्प्यूटी व्यक्ति और उनके परिवार को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के बारे में सरल भाषा में जागरूक करना है। 1. दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार (RPwD Act, 2016) भारत में Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अंतर्गत अम्प्यूटी व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और भेदभाव-मुक्त जीवन का अधिकार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में समान अवसर सार्वजनिक स्थानों पर Accessibility (रैम्प, लिफ्ट, शौचालय) सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता 2. सरकारी योजनाएँ एवं लाभ अम्प्यूटी व्यक्तियों के लिए केंद्र व राज्य सरकारें कई योजनाएँ चलाती हैं, जैसे— UDID कार्ड (Unique Disability ID) कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण हेतु पेंशन, यात्रा रियायतें, कर लाभ इन योजनाओं का लाभ तभी मिलता है जब सही दस्तावेज और मार्गदर्शन उपलब्ध हो। 3. डिसेबिलिटी सर्टि...

Role of Family Support in Rehabilitation of an Amputee post Prosthetic Fitment / Amputation - an Expert Advise by Dr Rajiv Agrawal, P&O

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अम्प्यूटी के परिवारजनों के लिए विशेष मार्गदर्शन (Special Topics for Family Members of an Amputee) अम्प्यूटेशन (अंग विच्छेदन) केवल एक व्यक्ति की शारीरिक चुनौती नहीं होती, बल्कि यह पूरे परिवार के लिए भावनात्मक, सामाजिक और व्यवहारिक बदलाव का समय होता है। परिवार यदि सही समझ, संतुलित सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ साथ खड़ा हो, तो अम्प्यूटी का पुनर्वास (Rehabilitation) कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सफल बन जाता है। यह लेख परिवारजनों को वही व्यावहारिक मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 1. मदद करें, लेकिन अधिक निर्भरता न बनाएं (Assist without Over-Dependency) परिवार का पहला स्वभाव मदद करना होता है, जो स्वाभाविक है। परंतु हर कार्य में अत्यधिक सहायता देने से रोगी की आत्मनिर्भरता कम हो सकती है। रोज़मर्रा के छोटे कार्य (जैसे कपड़े पहनना, चलना, कुर्सी से उठना) स्वयं करने के लिए प्रोत्साहित करें। केवल वहीं सहायता दें जहाँ सुरक्षा या थकान का वास्तविक कारण हो। याद रखें, आत्मनिर्भरता ही आत्मसम्मान को मजबूत करती है। 2. सीमाएँ समझें, क्षमताओं पर भरोसा रखें (Limitations ...

Amputee - Mental and Social Rehabilitation - From the Patient and Family Angle - Do's and Don'ts

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  प्रोस्थेसिस के साथ अम्प्यूटी का मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास (मरीज के दृष्टिकोण से) Amputation (अंग कटना) केवल शारीरिक बदलाव नहीं है, यह व्यक्ति के मन, आत्मविश्वास और सामाजिक जीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है। सही प्रोस्थेसिस (कृत्रिम अंग) के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक पुनर्वास उतना ही आवश्यक है, जितना शारीरिक चलना-फिरना। जब यह पुनर्वास सही दिशा में होता है, तब व्यक्ति फिर से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जी सकता है। Amputation के बाद मानसिक चुनौतियाँ अक्सर मरीज इन भावनाओं से गुजरता है: सदमा और अस्वीकार (Shock & Denial) डर – “अब जीवन कैसे चलेगा?” आत्मविश्वास में कमी सामाजिक दूरी और संकोच भविष्य को लेकर चिंता यह सब सामान्य है। सही समय पर मार्गदर्शन और काउंसलिंग से इन भावनाओं को संभाला जा सकता है। प्रोस्थेटिस्ट का दृष्टिकोण: मानसिक पुनर्वास क्यों ज़रूरी? एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट केवल प्रोस्थेसिस फिट नहीं करता, बल्कि मरीज को मानसिक रूप से भी तैयार करता है । Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics), Foot Care Jaipur...

Daily Life with a Prosthesis - How a Good Prosthetist can make the life easier, efficient and Independent

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  प्रोस्थेसिस के साथ एक अम्प्यूटी का दैनिक जीवन अम्प्यूटेशन (अंग कटना) जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नया अध्याय है। सही प्रोस्थेसिस (Artificial Limb) , सही प्रशिक्षण और परिवार के सहयोग से एक अम्प्यूटी व्यक्ति न केवल सामान्य जीवन जी सकता है, बल्कि आत्मनिर्भर और सक्रिय भी बन सकता है। यह लेख मरीज और प्रोस्थेटिस्ट —दोनों के अनुभवों को मिलाकर, दैनिक जीवन में प्रोस्थेसिस के सुरक्षित, आरामदायक और प्रभावी उपयोग की व्यावहारिक जानकारी देता है। प्रोस्थेटिस्ट का दृष्टिकोण: सही शुरुआत क्यों जरूरी है एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट जानता है कि “हर मरीज अलग होता है।” मेडिकल कंडीशन, स्टम्प (residual limb) की स्थिति, उम्र, वजन, कामकाज और लक्ष्य—इन सबके आधार पर प्रोस्थेसिस का मूल्यांकन, प्रिस्क्रिप्शन, डिज़ाइन और फिटमेंट होना चाहिए। Foot Care Jaipur में यह प्रक्रिया वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के साथ की जाती है, ताकि मरीज को आराम, स्थिरता और लंबी अवधि का लाभ मिले। यह पूरी टीम Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics), के अनुभव और विशेषज्ञता के मार्गदर्शन में काम करती है। मरीज का दृष...

Custom Prescribed, Designed and Fitted Orthotics By a qualified Orthotist for the patients of SPINA BIFIDA can improve the quality of Life / walk of Child much better

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  स्पाइना बिफिडा वाले बच्चे के लिए बेस्ट ऑर्थोटिक्स ट्रीटमेंट (Equinus Ankle + Flexed Knee) Spina Bifida एक ऐसा जन्मजात न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है जिसमें पैर के मांसपेशियों और नर्व सपोर्ट की कमी के कारण GAIT  (चलने) और जॉइंट कंट्रोल प्रभावित होता है। जब टखना (ankle) equinus (पैर के पंजे पर चलना) और घुटना flexion (झुका हुआ घुटना) दोनों एक साथ हों, तो चलने की क्षमता और संतुलन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। सबसे प्रभावी समाधान का लक्ष्य है: ✔ पैरों और टखनों को सही alignment (सीधे स्थिति) में रखना ✔ चलने को सुरक्षित, मजबूत और स्थिर बनाना ✔ समय के साथ मांसपेशियों के imbalance को कम करना ✔ भविष्य में सर्जरी / सिकुड़न (contracture) को रोकना 1. समझें: Equinus + Flexed Knee क्यों होता है? -  टखने की मजबूत calf muscles टखने को नीचे (plantarflexion) की ओर खींचती हैं → Equinus deformity -  कमजोर quadriceps/psoas + tight hamstrings → Flexed knee gait दोनों मिलकर पैर को सही से पैर के तल पर रखने में मुश्किल करते हैं और बच्चे का चलना अनियमित बनाते हैं। 2. सबसे अच्छे ऑर्थोट...

प्रोस्थेटिक फिटमेंट, ट्रेनिंग और अनुकूलन - (अम्प्यूटी मरीजों और उनके परिवार के लिए एक सरल व व्यावहारिक मार्गदर्शिका)

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प्रोस्थेटिक फिटमेंट, ट्रेनिंग और अनुकूलन (अम्प्यूटी मरीजों और उनके परिवार के लिए एक सरल व व्यावहारिक मार्गदर्शिका)   अंग-विच्छेदन (Amputation) के बाद कृत्रिम अंग (Artificial Limb / Prosthesis) लगवाना जीवन में एक बड़ा बदलाव होता है। यह सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि दोबारा आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत है। सही प्रोस्थेटिक फिटमेंट , उचित गेट ट्रेनिंग , और धैर्यपूर्वक अनुकूलन (Adaptation) —ये तीनों मिलकर सफल पुनर्वास (Rehabilitation) सुनिश्चित करते हैं। यह लेख एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट के द्वारा  लिखा गया है, ताकि मरीज और परिवार दोनों आसानी से समझ सकें और जीवन में सही फैसले ले सकें। 1. प्रोस्थेटिक फिटमेंट क्या है और यह क्यों ज़रूरी है? प्रोस्थेटिक फिटमेंट का अर्थ है—मरीज के स्टम्प (Residual Limb) , मेडिकल स्थिति, उम्र, वजन, कार्यात्मक ज़रूरत और जीवनशैली के अनुसार सही सॉकेट और कंपोनेंट्स का चयन और फिटिंग। गलत फिटमेंट के नुकसान: दर्द, घाव या स्किन इन्फेक्शन चलने का गलत पैटर्न (Wrong Gait Pattern) जल्दी थकान और आत्मविश्वास में कमी लंबे समय में पीठ, कूल्हे या घुटने में दर्द सही फिटमेंट के फा...

प्रोस्थेटिक लिम्ब्स (Artificial Limbs) के प्रकार और आधुनिक तकनीकें

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  प्रोस्थेटिक लिम्ब्स (Artificial Limbs) के प्रकार और आधुनिक तकनीकें Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) के विशेषज्ञ दृष्टिकोण से किसी भी कारणवश अंग-विच्छेदन (Amputation) के बाद जीवन रुकता नहीं है—सही प्रोस्थेटिक लिम्ब और उचित तकनीक व्यक्ति को फिर से आत्मनिर्भर बना सकती है। लेकिन इसके लिए आवश्यक है सही मूल्यांकन, सही प्रिस्क्रिप्शन और अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट की देखरेख । Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) पिछले तीन दशकों से इसी लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है, जहाँ अनुभवी टीम का नेतृत्व Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) कर रहे हैं। 1. निचले अंगों (Lower Limb) की प्रोस्थेसिस (a) Below Knee Prosthesis (BK / Transtibial) घुटने के नीचे कटे हुए अंग के लिए बेहतर बैलेंस, कम ऊर्जा खर्च कार्बन सॉकेट, डायनेमिक फुट, शॉक एब्जॉर्बिंग सिस्टम सही फिटिंग से चाल (Gait) लगभग सामान्य हो सकती है (b) Above Knee Prosthesis (AK / Transfemoral) घुटने के ऊपर कटे अंग के लिए तकनीकी रूप से अधिक जटिल विकल्प: सिंग...

कृत्रिम अंग को लेकर आम मिथक और गलतियाँ – Prosthetist की Prescriptive सलाह

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कृत्रिम अंग को लेकर आम मिथक और गलतियाँ – Prosthetist की Prescriptive सलाह  अम्प्यूटेशन के बाद मरीज और उसके परिवार के मन में कई शंकाएँ और भ्रांतियाँ होती हैं। सही समय पर सही मार्गदर्शन न मिलने से कुछ ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं, जो आगे चलकर चलने-फिरने, आत्मविश्वास और जीवन-गुणवत्ता (Quality of Life) को प्रभावित करती हैं। नीचे सबसे आम मिथकों के साथ उनका वैज्ञानिक और व्यावहारिक स्पष्टीकरण दिया गया है। मिथक 1: “सभी Prosthesis एक जैसे होते हैं” सच्चाई: हर मरीज की शारीरिक स्थिति, स्टम्प का आकार, ताकत, उम्र और गतिविधि-स्तर अलग होता है। इसलिए कस्टम-प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य है। गलत चयन से दर्द, असंतुलन और गलत चाल विकसित हो सकती है। मिथक 2: “Prosthesis लगते ही मरीज सामान्य चलने लगेगा” सच्चाई: Prosthesis के साथ Gait Training, वजन ट्रांसफर, संतुलन अभ्यास जरूरी हैं। बिना ट्रेनिंग के गलत चाल (Wrong Gait Pattern) बन जाती है, जिसे बाद में सुधारना कठिन होता है। मिथक 3: “शुरुआती दर्द या असहजता का मतलब Prosthesis बेकार है” सच्चाई: शुरुआती एडजस्टमेंट फेज़ में हल्की असहजता सामान्य हो सकती है, लेकिन लगात...

प्रोस्थेसिस के साथ जीवन की नई शुरुआत: शुरुआती गेट ट्रेनिंग और सही मार्गदर्शन का महत्व

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प्रोस्थेसिस के साथ जीवन की नई शुरुआत: शुरुआती गेट ट्रेनिंग क्यों है निर्णायक अम्प्यूटेशन के बाद प्रोस्थेसिस पहनना केवल एक उपकरण को अपनाना नहीं है, बल्कि शरीर, दिमाग और आत्मविश्वास—तीनों को नए तरीके से प्रशिक्षित करना है।  एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट के दृष्टिकोण से यह समझना बहुत ज़रूरी है कि शुरुआती गेट ट्रेनिंग सही न हो तो आगे चलकर समस्याएँ बढ़ सकती हैं। अगर शुरुआती गेट ट्रेनिंग न हो तो क्या हो सकता है? कई बार मरीज बिना उचित मार्गदर्शन के चलना शुरू कर देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि वे: गलत चाल (Wrong Gait Pattern) अपना लेते हैं प्रोस्थेटिक साइड पर वज़न कम और दूसरी साइड पर ज़्यादा डालते हैं लंगड़ाकर चलने की आदत विकसित कर लेते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार गलत गेट पैटर्न बन गया, तो बाद में उसे सुधारना कठिन हो जाता है । इसमें ज़्यादा समय, मेहनत और कभी-कभी अतिरिक्त दर्द भी सहना पड़ सकता है। इसलिए शुरुआत से ही सही ट्रेनिंग गेम चेंजर साबित होती है। शुरुआती गेट ट्रेनिंग का वास्तविक महत्व सही गेट ट्रेनिंग से मरीज सीखता है: प्रोस्थेसिस पर सही तरीके से...

प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल

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  प्रोस्थेसिस लगाने से पहले अम्प्यूटी स्टम्प की सही देखभाल अम्प्यूटेशन के बाद का समय मरीज और परिवार—दोनों के लिए बहुत संवेदनशील होता है। इस दौरान स्टम्प (कटे हुए हिस्से) की सही देखभाल भविष्य की प्रोस्थेटिक फिटिंग, आराम और चलने की क्षमता को तय करती है। एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट व ऑर्थोटिस्ट के रूप में, यहाँ स्टम्प केयर के वे ज़रूरी बिंदु दिए जा रहे हैं जिन्हें हर अम्प्यूटी को अपनाना चाहिए। 1) घाव की स्वच्छता और निरीक्षण घाव को रोज़ साफ़ रखें, डॉक्टर द्वारा बताई गई ड्रेसिंग समय पर बदलें। लालिमा, सूजन, बदबू या रिसाव दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। 2) सूजन (एडेमा) नियंत्रण इलास्टिक बैंडेज/श्रिंकर सॉक का सही तरीके से उपयोग करें। इससे स्टम्प का आकार नियंत्रित रहता है और आगे प्रोस्थेसिस फिटमेंट आसान होता है। 3) त्वचा की सुरक्षा स्टम्प की त्वचा को रोज़ मॉइस्चराइज़ करें (डॉक्टर की सलाह अनुसार)। कट, फफोले या जलन से बचाव करें—यही आरामदायक सॉकेट की कुंजी है। 4) सही पोज़िशनिंग और हल्के व्यायाम गलत पोज़िशन से जोड़ अकड़ सकते हैं।  हल्के व्यायाम करें ताकि मांसपेशियाँ मजबूत ...

Understanding Amputation & Recovery by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

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  amputation (अंग कटना) और Recovery को समझना रोगी और परिवार के लिए सरल मार्गदर्शिका कई बार डायबिटीज, गंभीर संक्रमण, गैंग्रीन, एक्सीडेंट, नसों की खराबी या ट्यूमर जैसी परिस्थितियाँ इतनी बढ़ जाती हैं कि amputation (अंग काटना) जीवन बचाने और आगे बेहतर जीवन की ओर बढ़ने का सही विकल्प बन जाता है। यह निर्णय आसान नहीं होता—न रोगी के लिए, न परिवार के लिए। सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और सही टीम इस यात्रा को आसान बना सकती है। Dr Rajiv Agrawal , Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) , Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) Pre-amputation काउंसलिंग के माध्यम से रोगी और परिवार को इस बदलाव के लिए मानसिक, शारीरिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करते हैं। Pre-Amputation काउंसलिंग क्यों ज़रूरी है? amputation का कारण और स्तर समझना क्या उम्मीद रखें —ऑपरेशन के बाद क्या होगा प्रोस्थेसिस (कृत्रिम अंग) की संभावनाएँ डर, भ्रम और गलतफहमियाँ दूर करना परिवार की भूमिका स्पष्ट करना आम सवाल (FAQs) — जो हर मरीज और परिवार पूछता है 1. क्या amputation के बाद जीवन सामान्...

अम्प्यूटेशन के बाद स्टम्प केयर: सही देखभाल से सफल प्रोस्थेटिक तक का सफ़र

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अम्प्यूटेशन (अंग विच्छेदन) केवल एक सर्जरी नहीं है, बल्कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। इस नई शुरुआत को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है— स्टम्प केयर (Stump Care) और सही तरीके से की गई तैयारी , जिससे आगे चलकर प्रोस्थेटिक (कृत्रिम अंग) आरामदायक और प्रभावी बन सके।  1. सर्जरी के तुरंत बाद: स्टम्प की प्राथमिक देखभाल सर्जरी के बाद शुरुआती दिनों में स्टम्प को स्वच्छ, सूखा और सुरक्षित रखना सबसे ज़रूरी होता है। डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार ड्रेसिंग बदलना लालिमा, सूजन, अत्यधिक दर्द या रिसाव दिखे तो तुरंत बताना स्टम्प को चोट या दबाव से बचाना  इस चरण में लापरवाही आगे चलकर प्रोस्थेटिक फिटमेंट को कठिन बना सकती है। 2. सूजन कम करना और आकार बनाना (Shaping & Desensitization) प्रोस्थेटिक फिटमेंट के लिए स्टम्प का सही आकार और स्थिर वॉल्यूम होना आवश्यक है। प्रोस्थेटिस्ट डॉक्टर की सलाह से कम्प्रेशन बैंडेज या कस्टम मेड स्टम्प श्रिंकर का उपयोग हल्की मालिश और टैपिंग से त्वचा की संवेदनशीलता कम करना धीरे-धीरे स्टम्प को छूने और सहनशील बनाने की आदत  3. व्यायाम...