प्रेरणा की उड़ान – “एक पैर कम, हौसला पूरा” : मानसी जोशी की जीत की कहानी - by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)








 

प्रेरणा की उड़ान –

“एक पैर कम, हौसला पूरा” : मानसी जोशी की जीत की कहानी

------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

डॉ. राजीव अग्रवाल

Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------


इस अध्याय की शुरुआत मैं किसी सवाल से नहीं, एक सन्नाटे से करना चाहता हूँ—
वह सन्नाटा जो किसी हादसे के बाद कमरे में छा जाता है,
जब इंसान समझ नहीं पाता कि आगे बोले क्या।

उसी सन्नाटे से उठी आवाज़ है Manasi Joshi


 एक हादसा, और अचानक रुका हुआ समय

मानसी एक सक्रिय, आत्मनिर्भर युवती थीं। पढ़ाई, काम और खेल—सब संतुलन में था।
फिर एक सड़क दुर्घटना…
घुटने के ऊपर पैर काटना पड़ा (Above Knee Amputation)

अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए मन में वही सवाल—
“अब मेरी पहचान क्या है?”

मैं वर्षों से देखता आया हूँ—
इस सवाल का जवाब वही लोग ढूँढ पाते हैं,
जो दर्द को दिशा दे देते हैं।


 हार मानने से पहले खुद से एक समझौता

मानसी ने खुद से एक ईमानदार समझौता किया—

“मैं रोऊँगी, डरूँगी, टूटूँगी भी…
लेकिन रुकूँगी नहीं।”

यहीं से कहानी बदलती है।
उन्होंने बैडमिंटन को चुना—
एक ऐसा खेल जिसमें संतुलन, गति और आत्मविश्वास तीनों की परीक्षा होती है।


 प्रोस्थेसिस: सहारा, शॉर्टकट नहीं

पैरा बैडमिंटन में प्रोस्थेसिस
केवल कोई “एडवांटेज” नहीं देती—
वह सुरक्षा और स्थिरता भी देती है।

मानसी के लिए ज़रूरी था:

  • तेज़ मूवमेंट में विश्वसनीय संतुलन

  • घुटने और कमर पर कम से कम दबाव

  • लंबे अभ्यास सत्रों में comfort

  • और नियमित fine tuning

एक Prosthetist–Orthotist के रूप में मैं साफ़ कहूँगा—
खेल के लिए बना समाधान, रोज़मर्रा के लिए बने समाधान से अलग होता है।


 कोर्ट पर वापसी: सिर्फ खेल नहीं

मानसी की वापसी सिर्फ टूर्नामेंट जीतने तक सीमित नहीं रही।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया
और पदक जीतकर यह साबित किया कि—

“अम्प्यूटेशन के बाद जीवन छोटा नहीं होता,
उसका दायरा बदलता है।”

आज उनकी कहानी
खासतौर पर महिलाओं और युवा अम्प्यूटीज़ के लिए
एक स्पष्ट संदेश देती है—
खेल, करियर और आत्मनिर्भरता—सब संभव हैं।


 परिवार और सपोर्ट सिस्टम: चुपचाप निभाई गई भूमिका

मानसी की इस यात्रा में
परिवार और कोच का साथ बेहद अहम रहा।

मैं अक्सर कहता हूँ—
जब परिवार सवाल नहीं, भरोसा करता है—
तभी मरीज आगे बढ़ पाता है।


 Foot Care Jaipur: लक्ष्य से समाधान तक

Foot Care Jaipur (Since 1998) में हम पहले पूछते हैं—
“आप बनना क्या चाहते हैं?”

  • खिलाड़ी

  • कामकाजी प्रोफेशनल

  • या फिर बस दर्द-मुक्त, सुरक्षित चलने वाला इंसान

उसके बाद तय होता है:
 Prescription
 Design
 Fabrication
 Fitment
 Follow-up

क्योंकि डिवाइस नहीं, दिशा ज़रूरी होती है।


 मरीजों और परिवारों के लिए मेरा संदेश

अगर आप या आपका कोई अपना
Upper / Lower Limb / any other Amputation से गुज़र रहा है, तो यह याद रखें:

  • डर आना असफलता नहीं है

  • जल्दबाज़ी में लिया गया समाधान नुकसान पहुँचा सकता है

  • हर प्रोस्थेसिस हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती

  • और Qualified & Experienced Prosthetist & Orthotist
    आपकी पूरी यात्रा का हिस्सा होना चाहिए, सिर्फ शुरुआत का नहीं


 निष्कर्ष

मानसी जोशी की कहानी हमें यह सिखाती है—

“जीत पदक से नहीं,
खुद पर भरोसे से तय होती है।”

दृढ़ निश्चय, परिवार का सहयोग,
और वैज्ञानिक, लक्ष्य-आधारित प्रोस्थेटिक रिहैबिलिटेशन
एक अम्प्यूटी व्यक्ति को
आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और प्रेरणास्रोत बना सकता है।


डॉ. राजीव अग्रवाल
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)


हमारी वेब साइट के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

www.FootCareJaipur.com

 

व्हाट्सप्प पर हमारी टीम से संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

https://wa.me/916376860440

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारियाँ विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित हैं। लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं और इनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है।

यह लेख कानूनी, राजनीतिक या आधिकारिक घोषणा के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निर्णय, राय या निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पाठक संबंधित आधिकारिक स्रोतों या विशेषज्ञों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

लेखक अथवा प्रकाशक किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष त्रुटि, चूक या जानकारी के उपयोग से उत्पन्न परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।


Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

Comments

Popular posts from this blog

क्यों सही प्रोस्थेटिस्ट ही तय करता है आपकी चलने की आज़ादी

प्रेरणादायक कहानी: Foot Care Jaipur के Prosthetics ने बदली एक अम्प्यूटी मरीज की ज़िंदगी

CTEV (Clubfoot): Symptoms, Causes, Long-Term Problems & Effective Orthotic Treatment by Dr Rajiv Agrawal, P&O