स्कोलियोसिस (Scoliosis): जब रीढ़ की टेढ़ी चाल भविष्य को प्रभावित करने लगती है by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)




 




स्कोलियोसिस (Scoliosis): जब रीढ़ की टेढ़ी चाल भविष्य को प्रभावित करने लगती है

— एक Orthotist की नज़र से

क्लिनिक में अक्सर किशोर उम्र के बच्चे या उनके माता-पिता आते हैं और कहते हैं—
“डॉक्टर, कंधा एक तरफ ज़्यादा झुका हुआ लगता है, लेकिन दर्द तो नहीं है।”

यहीं से स्कोलियोसिस की कहानी शुरू होती है।
दर्द न होने की वजह से इसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, और जब तक समस्या समझ में आती है, तब तक deformity काफ़ी बढ़ चुकी होती है।

हम पिछले कई वर्षों से Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में स्कोलियोसिस से पीड़ित बच्चों, किशोरों और युवाओं के साथ काम कर रहे हैं। अनुभव यही कहता है कि समय पर सही brace न मिलना, आगे चलकर जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।


Scoliosis क्या है? (सरल शब्दों में)

Scoliosis में:

  • रीढ़ (spine) एक तरफ C या S शेप में मुड़ जाती है

  • कंधे, कमर या hips असमान दिखने लगते हैं

  • body का balance बिगड़ने लगता है

यह सिर्फ posture की समस्या नहीं है, बल्कि progressive spinal deformity है।


स्कोलियोसिस होने के मुख्य कारण

Orthotist के रूप में हम सबसे पहले कारण समझने की कोशिश करते हैं:

  • Idiopathic scoliosis (सबसे आम, खासकर किशोरों में)

  • जन्म से मौजूद spinal abnormality

  • Neuromuscular conditions

  • Postural imbalance

  • लंबे समय तक untreated asymmetry

  • Growth spurt के दौरान imbalance

 केवल painkiller या calcium देना इसका समाधान नहीं है।


स्कोलियोसिस के आम लक्षण (Symptoms)

हमारे पास आने वाले मरीज अक्सर बताते हैं:

  • एक कंधा दूसरे से ऊँचा दिखना

  • कमर एक तरफ ज़्यादा मुड़ी हुई लगना

  • कपड़े ठीक से फिट न होना

  • लंबे समय तक बैठने या खड़े होने में थकान

  • पीठ या गर्दन में दर्द (later stages में)

  • confidence में कमी

कई बच्चों में शुरुआती stage में दर्द नहीं होता, लेकिन curve लगातार बढ़ता रहता है


युवावस्था में की गई सबसे बड़ी गलती

यह बात बहुत साफ़ तौर पर कहनी ज़रूरी है:

गलत तरीके से prescribed brace या poorly fabricated brace,
स्कोलियोसिस को control करने की बजाय और बिगाड़ सकता है।

अक्सर देखने में आता है:

  • brace बिना proper evaluation के दिया गया

  • brace का design curve के अनुसार नहीं है

  • पहनने का protocol follow नहीं कराया गया

  • follow-up और adjustment नहीं हुए

नतीजा यह होता है कि बच्चा brace पहनना छोड़ देता है, और curve बढ़ता जाता है।


सिर्फ दवाओं से स्कोलियोसिस क्यों नहीं रुकता?

दवाएँ:

  • muscle pain कम कर सकती हैं

  • temporary relief दे सकती हैं

लेकिन:

  • spinal curve को नहीं रोकतीं

  • growth के दौरान progression को control नहीं करतीं

  • posture correction नहीं कर पातीं

 यही काम Orthotic bracing करती है।


स्कोलियोसिस में Orthotics (Bracing) की भूमिका

एक Orthotist का मुख्य उद्देश्य होता है:

  • spinal curve की progression रोकना

  • growth के दौरान spine को guide करना

  • future surgery की संभावना कम करना

सही तरीके से prescribed और fabricated scoliosis braces:

  • curve progression को slow करती हैं

  • posture improve करती हैं

  • pain और fatigue कम करती हैं

  • patient को daily activities में confident बनाती हैं

Brace तभी effective होती है जब:
 सही समय पर दी जाए
 curve-specific design हो
 patient compliance हो
 regular follow-up किया जाए


समय पर इलाज न होने के Long-Term Impacts

अगर स्कोलियोसिस को समय पर manage न किया जाए, तो आगे चलकर:

  • severe spinal deformity

  • chronic back और neck pain

  • lung capacity पर असर

  • early fatigue

  • cosmetic और psychological issues

  • कुछ cases में surgery unavoidable हो जाती है


मरीज और परिवार के लिए मेरी सलाह

  • स्कोलियोसिस को “सिर्फ posture problem” न समझें

  • ready-made braces से बचें

  • Orthotist द्वारा proper assessment ज़रूरी है

  • brace पहनने का protocol follow करें

  • growth के साथ brace adjustments कराएँ


Orthotist के रूप में मेरा अनुभव

जब स्कोलियोसिस को:
 early stage में
 सही brace design के साथ
 proper follow-up और counselling के साथ

manage किया जाता है, तो बच्चा normal, confident और active life जी सकता है।


Dr Rajiv Agrawal
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)


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