एक पैर, लेकिन सपने एवरेस्ट जितने ऊँचे (भारत | प्रेरणा) - अरुणिमा सिन्हा - by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)





 





एक पैर, लेकिन सपने एवरेस्ट जितने ऊँचे (भारत | प्रेरणा) - अरुणिमा सिन्हा 

लेखकDr Rajiv Agrawal,
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics),
Foot Care Jaipur – Artificial Limb Clinic Since 1998

-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------


अरुणिमा सिन्हा 

एक ट्रेन दुर्घटना, एक कटा हुआ पैर, और टूटा हुआ आत्मविश्वास—

यहीं से अरुणिमा सिन्हा की कहानी शुरू होती है।

लेकिन उन्होंने तय किया कि वे दया की पात्र नहीं, प्रेरणा का स्रोत बनेंगी

असंभव को संभव बनाना

कृत्रिम पैर के साथ:

  • कठोर प्रशिक्षण

  • मानसिक तैयारी

  • और विशेषज्ञों की देखरेख

के सहारे उन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह किया।


 प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker)

अरुणिमा सिन्हा न केवल एक पर्वतारोही हैं बल्कि एक प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता (motivational speaker) भी हैं, जो लोगों को जीवन में हौसला, धैर्य और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करती हैं।

खेल अकादमी की स्थापना का कार्य

वे गरीब और विकलांग बच्चों के लिए एक मुफ्त खेल अकादमी खोलने की दिशा में सक्रिय हैं, जिसका नाम Shaheed Chandra Shekhar Azad Viklang Khel Academy and Prosthetic Limb Centre Society रखा जा रहा है। इसके माध्यम से वे दिव्‍यांग और अनपढ़ बच्चों को खेल-कूद और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना चाहती हैं।

ब्रांड एम्बेसडर

अरुणिमा सिन्हा को कुछ खेल और सामाजिक अभियानों के लिए ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नामित भी किया गया है — उदाहरण के लिए कर्नाटक सरकार के स्पोर्ट्स और एडवेंचर विभाग और स्वच्छ भारत अभियान (UP) के लिए प्रतीकात्मक भूमिका निभाई गई है।


प्रमुख उपलब्धियाँ / कीर्तिमान

महत्वपूर्ण पर्वतारोहण उपलब्धियाँ

  1. माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) को फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला विकलांग (amputee) पर्वतारोही — 21 मई 2013

  2. सात महाद्वीपों की प्रमुख चोटियों को फतह करने का लक्ष्य पूरा किया — जिसमें शामिल हैं:

    • माउंट एवरेस्ट (एशिया)

    • माउंट किलीमंजारो (अफ्रीका)

    • माउंट एल्ब्रूस (यूरोप)

    • माउंट कोसिस्को (ऑस्ट्रेलिया)

    • माउंट अकोनकागुआ (दक्षिण अमेरिका)

    • माउंट विन्सन (अंटार्कटिका) — 1 जनवरी 2019।

 इन सभी चढाइयों के साथ उन्होंने विश्व स्तर पर महिला विकलांग पर्वतारोहण के क्षेत्र में अटल पहचान बनाई।


प्रमुख पुरस्कार और सम्मान

अरुणिमा सिन्हा को कई प्रतिष्ठित पुरूस्कार और मान्यता मिली है:

  • पद्म श्री (Padma Shri) – भारत सरकार का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान (2015)।

  • तेन्जिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (Tenzing Norgay National Adventure Award) — भारत का सर्वोच्च पर्वतारोहण/साहसिक खेल सम्मान

  • फर्स्ट लेडी अवार्ड (First Lady Award) — 2016

  • यश भारती पुरस्कार (Yash Bharti Award)

  • रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड (Rani Laxmi Bai Award)

  • अन्य कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मान एवं मानद उपाधियाँ


अन्य उल्लेखनीय योगदान

  • उन्होंने “Born Again on the Mountain” नाम से पुस्तक भी लिखी है, जो उनकी प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित है।


 सार

अरुणिमा सिन्हा न केवल कठिनाइयों को पार कर विश्व-स्तरीय पर्वतारोहण कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं, बल्कि आज वे प्रेरक वक्ता, खेल समाजसेवी और समाज-हितैषी नेतृत्व वाली शख्सियत के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।


विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए संदेश

 परिस्थितियाँ आपको रोकने आती हैं, पर निर्णय आपको आगे बढ़ाते हैं।
 सही प्रोस्थेटिक रिहैबिलिटेशन जीवन की दिशा बदल सकता है।


हमारी वेब साइट के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

www.FootCareJaipur.com

 

व्हाट्सप्प पर हमारी टीम से संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

https://wa.me/916376860440

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारियाँ विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित हैं। लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं और इनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है।

यह लेख कानूनी, राजनीतिक या आधिकारिक घोषणा के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निर्णय, राय या निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पाठक संबंधित आधिकारिक स्रोतों या विशेषज्ञों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

लेखक अथवा प्रकाशक किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष त्रुटि, चूक या जानकारी के उपयोग से उत्पन्न परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।



Comments

Popular posts from this blog

क्यों सही प्रोस्थेटिस्ट ही तय करता है आपकी चलने की आज़ादी

प्रेरणादायक कहानी: Foot Care Jaipur के Prosthetics ने बदली एक अम्प्यूटी मरीज की ज़िंदगी

CTEV (Clubfoot): Symptoms, Causes, Long-Term Problems & Effective Orthotic Treatment by Dr Rajiv Agrawal, P&O