Role of Family Support in Rehabilitation of an Amputee post Prosthetic Fitment / Amputation - an Expert Advise by Dr Rajiv Agrawal, P&O







अम्प्यूटी के परिवारजनों के लिए विशेष मार्गदर्शन

(Special Topics for Family Members of an Amputee)

अम्प्यूटेशन (अंग विच्छेदन) केवल एक व्यक्ति की शारीरिक चुनौती नहीं होती, बल्कि यह पूरे परिवार के लिए भावनात्मक, सामाजिक और व्यवहारिक बदलाव का समय होता है। परिवार यदि सही समझ, संतुलित सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ साथ खड़ा हो, तो अम्प्यूटी का पुनर्वास (Rehabilitation) कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सफल बन जाता है। यह लेख परिवारजनों को वही व्यावहारिक मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।


1. मदद करें, लेकिन अधिक निर्भरता न बनाएं (Assist without Over-Dependency)

परिवार का पहला स्वभाव मदद करना होता है, जो स्वाभाविक है। परंतु हर कार्य में अत्यधिक सहायता देने से रोगी की आत्मनिर्भरता कम हो सकती है।

  • रोज़मर्रा के छोटे कार्य (जैसे कपड़े पहनना, चलना, कुर्सी से उठना) स्वयं करने के लिए प्रोत्साहित करें।

  • केवल वहीं सहायता दें जहाँ सुरक्षा या थकान का वास्तविक कारण हो।

  • याद रखें, आत्मनिर्भरता ही आत्मसम्मान को मजबूत करती है।


2. सीमाएँ समझें, क्षमताओं पर भरोसा रखें (Limitations vs Abilities)

अम्प्यूटी के पास कुछ सीमाएँ अवश्य होती हैं, लेकिन उससे कहीं अधिक क्षमताएँ भी होती हैं।

  • “आप नहीं कर सकते” की बजाय “आप इसे इस तरह कर सकते हैं” जैसे शब्दों का प्रयोग करें।

  • प्रोस्थेसिस (Artificial Limb) के साथ नई क्षमताओं को पहचानें और सराहें।

  • हर अम्प्यूटी अलग होता है—तुलना से बचें।


3. सहानुभूति बनाम दया (Emotional Support vs Sympathy)

दया (Sympathy) व्यक्ति को कमजोर महसूस करा सकती है, जबकि सहानुभूति (Empathy) उसे सशक्त बनाती है।

  • भावनाएँ साझा करने का सुरक्षित माहौल दें।

  • बार-बार दुःख या अफ़सोस जताने से बचें।

  • सकारात्मक बातचीत और सामान्य पारिवारिक व्यवहार बनाए रखें।


4. कसरत और ट्रेनिंग में परिवार की भूमिका

प्रोस्थेसिस फिटमेंट के बाद कसरत और गेट ट्रेनिंग अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होते हैं।

  • परिवार समय पर सत्रों में सहयोग करे।

  • घर पर बताए गए व्यायामों को नियमित रूप से करवाने में मदद करे।

  • प्रगति को नोटिस करें और छोटी सफलताओं का उत्सव मनाएं।

इस संदर्भ में Dr. Rajiv Agrawal, Clinical Director (Prosthetics & Orthotics), Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) जैसे अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन परिवार और रोगी—दोनों के लिए स्पष्ट दिशा देता है, जिससे ट्रेनिंग सुरक्षित और वैज्ञानिक ढंग से आगे बढ़ती है।


5. दीर्घकालिक प्रेरणा कैसे बनाए रखें (Long-Term Motivation Strategies)

  • लक्ष्य छोटे-छोटे रखें और उन्हें हासिल करने पर सराहना करें।

  • सामाजिक गतिविधियों, खेल या शौक को बढ़ावा दें।

  • सफल अम्प्यूटी कहानियों से प्रेरणा लें।

  • समय-समय पर विशेषज्ञ प्रॉस्थेटिस्ट से फॉलो-अप कराते रहें।


6. परिवार का मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण

परिवारजनों को भी भावनात्मक थकान हो सकती है।

  • खुलकर बात करें, ज़रूरत हो तो काउंसलिंग लें।

  • जिम्मेदारियाँ बाँटें।

  • स्वयं की सेहत और समय का ध्यान रखें।


निष्कर्ष


अम्प्यूटी का पुनर्वास केवल एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिवार-केंद्रित यात्रा है। सही संतुलन, जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से अम्प्यूटी न केवल चलना सीखता है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ता है। Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में वर्षों के अनुभव के साथ, परिवार और रोगी दोनों को व्यावहारिक, मानवीय और वैज्ञानिक सहयोग प्रदान किया जाता है—जो पुनर्वास को सहज और स्थायी बनाता है।







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