डायबिटिक फुट: समय पर जांच नहीं तो चलना भी मुश्किल हो सकता है





Diabetic Foot Care – Foot Care Jaipur

 डायबिटिक फुट: समय पर जांच नहीं तो चलना भी मुश्किल हो सकता है

डायबिटीज़ सिर्फ शुगर लेवल की बीमारी नहीं है। यह पैरों की नसों, रक्त प्रवाह और त्वचा को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाती है। इसी कारण डायबिटिक फुट की समस्या पैदा होती है, जो समय पर ध्यान न देने पर घाव, संक्रमण और यहाँ तक कि अम्प्यूटेशन तक ले जा सकती है।

Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में हम डायबिटिक फुट की समस्या को शुरुआती स्तर पर पहचान कर, बिना सर्जरी और बिना पेनकिलर प्रभावी रूप से मैनेज करते हैं।


👣 डायबिटिक फुट के आम लक्षण (जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं)

अगर आपको डायबिटीज़ है और नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए:

  • पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट

  • रात में जलन या चुभन

  • पैरों में दर्द का एहसास कम होना

  • एड़ी फटना या बहुत ज़्यादा सूखापन

  • बार-बार कॉर्न या कैलस बनना

  • पैरों में सूजन

  • जूते जल्दी घिस जाना

  • घावों का होना या देर से भरना

⚠️ ध्यान दें: डायबिटिक फुट में दर्द न होना सबसे बड़ा खतरा होता है।


🚨 डायबिटिक फुट की गंभीर समस्याएँ

समय पर इलाज न होने पर हो सकती हैं:

  • डायबिटिक फुट अल्सर

  • बार-बार संक्रमण

  • पैर का आकार बिगड़ना (Charcot Foot)

  • चलने-फिरने में परेशानी

  • आंशिक या पूर्ण अम्प्यूटेशन


 जीवन पर प्रभाव

डायबिटिक फुट से प्रभावित व्यक्ति को:

  • चलने में डर लगता है

  • दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है

  • काम-काज और सामाजिक जीवन प्रभावित होता है

  • मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी होती है

लेकिन समय पर सही जांच और उपचार से यह सब रोका जा सकता है।


🔍 PodiaScan क्यों ज़रूरी है डायबिटिक मरीजों के लिए?

PodiaScan क्या है?

PodiaScan एक आधुनिक Foot Pressure Analysis System है, जिससे पता चलता है:

  • पैर पर ज़्यादा दबाव कहाँ पड़ रहा है

  • अल्सर बनने का खतरा कहाँ है

  • चलने का पैटर्न सही है या नहीं

  • वजन संतुलन में है या नहीं


📅 PodiaScan कितनी बार करवाना चाहिए?

जैसे शुगर की जाँच नियमित होती है, वैसे ही पैरों की जाँच भी ज़रूरी है:

  • नियंत्रित डायबिटीज़: हर 6 महीने में

  • नसों की समस्या / कैलस: हर 3–4 महीने में

  • अगर घाव, सुन्नपन या दर्द बढ़े: तुरंत


 कस्टम डायबिटिक ऑर्थोटिक्स का महत्व

PodiaScan रिपोर्ट के आधार पर हम तैयार करते हैं:

  • कस्टम डायबिटिक इनसोल

  • प्रेशर रिलीफ ऑर्थोटिक्स

  • बायो मैकेनिकली डिज़ाइनड ऑर्थोसिस

  • अल्सर ऑफ-लोडिंग सॉल्यूशंस

✔ अल्सर से बचाव
✔ चलने में आराम
✔ अम्प्यूटेशन का खतरा कम


👨‍⚕️ Dr. Rajiv Agrawal का अनुभव और विशेषज्ञता

Dr. Rajiv Agrawal
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
25+ वर्षों का अनुभव

उन्होंने सफलतापूर्वक मैनेज किए हैं:

  • हाई रिस्क डायबिटिक फुट

  • नॉन-हीलिंग अल्सर

  • Charcot Foot

  • Limb Salvage Cases

Foot Care Jaipur की टीम का उद्देश्य है:
👉 पैर बचाना | चलना सुरक्षित बनाना | जीवन बेहतर करना


📞 आज ही जाँच कराएँ

अगर आप डायबिटिक हैं, तो समस्या का इंतज़ार न करें
आज ही PodiaScan करवाएँ और अपने पैरों को सुरक्षित रखें।

Foot Care Jaipur – Artificial Limb Clinic Since 1998 - www.FootCareJaipur.com 

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