गर्दन का दर्द, जकड़न और सुन्नपन? Cervical Spondylosis को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है by Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)

                       






गर्दन का दर्द, जकड़न और सुन्नपन?

Cervical Spondylosis को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है

— समय रहते सही Orthotic Intervention से सर्जरी और दवाओं से बचाव संभव

अक्सर पुरुष और महिलाएँ क्लिनिक में आकर यही कहते हैं—

“सुबह उठते ही गर्दन जमी हुई लगती है”
“कंधे और बाजू में दर्द उतरने लगता है”
“काम करते-करते गर्दन भारी हो जाती है”
“रात को ठीक से सो नहीं पाता”

शुरुआत में लोग इसे थकान, उम्र या गलत तकिए की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
यहीं से Cervical Spondylosis चुपचाप बढ़ने लगती है।

पिछले कई वर्षों से Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में ऐसे बहुत सारे मरीजों को देख चुके हैं, जिनमें समय पर सही Orthotic management न मिलने से समस्या जटिल हो गई।


Cervical Spondylosis क्या है? 

Cervical Spondylosis में:

  • गर्दन की हड्डियों और discs में wear & tear शुरू हो जाता है

  • nerves पर दबाव बढ़ता है

  • गर्दन का natural curve बिगड़ने लगता है

यह बीमारी अचानक नहीं आती, बल्कि धीरे-धीरे lifestyle से बनती है


शुरुआती लक्षण जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

  • गर्दन में stiffness और tightness

  • सिर घुमाने में दर्द

  • कंधे, बाजू या उंगलियों में झनझनाहट

  • लंबे समय बैठने पर दर्द बढ़ना

  • सिर दर्द या चक्कर

  • नींद की गुणवत्ता खराब होना

 ये संकेत बताते हैं कि अब early intervention की जरूरत है


Cervical Spondylosis के कारण

(High impact से Low impact तक)

High Impact Causes

  • लंबे समय तक computer / mobile का गलत उपयोग

  • forward head posture

  • बिना support के काम करना

  • गलत तकिया और sleeping posture

Moderate Impact Causes

  • उम्र के साथ disc degeneration

  • weak neck और shoulder muscles

  • stress और muscle spasm

Low Impact लेकिन योगदान देने वाले कारण


इससे बचने के तरीके (Avoidance & Prevention)

  • screen को आँखों के level पर रखें

  • हर 30–40 मिनट में posture break लें

  • सही ऊँचाई की chair और table

  • सोते समय सही pillow support

  • regular neck mobility exercises



Orthotist की भूमिका: यहीं असली फर्क पड़ता है

Orthotist का काम केवल collar देना नहीं है।
हम देखते हैं:

सही तरीके से prescribed custom cervical orthotics:

  • गर्दन को neutral alignment में रखती हैं

  • muscles को आराम देती हैं

  • nerve compression कम करती हैं

  • pain killers पर dependency घटाती हैं


Ready-Made Collar vs Custom-Made Orthotics

(मरीज को यह समझना बहुत ज़रूरी है)

Ready-Made Collar

  • one-size-fits-all

  • गर्दन की natural curve को ignore करता है

  • ज़्यादा पहनने से muscle weakness बढ़ती है

  • long term नुकसान कर सकता है

Custom Orthotics (Qualified Orthotist द्वारा)

  • मरीज की neck anatomy के अनुसार design

  • सही level पर support

  • controlled usage protocol

  • recovery को तेज़ करता है

 यही अंतर pain relief और long-term recovery तय करता है।


Exercises: क्यों professional guidance ज़रूरी है

गलत exercise:

  • nerve irritation बढ़ा सकती है

  • pain worsen कर सकती है

Professionally guided exercises:

  • muscles को balance करती हैं

  • posture सुधारती हैं

  • orthotics के effect को multiply करती हैं

Orthotics + exercises = best outcome


समय पर इलाज न हो तो क्या हो सकता है?

 सही समय पर Orthotic management इन risks को काफी हद तक कम कर सकता है।


Foot Care Jaipur में हमारा अनुभव

Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में
Dr Rajiv Agrawal और उनकी experienced Prosthetics & Orthotics team ने
Cervical Spondylosis के large number of patients को
 बिना surgery
 कम दवाओं के साथ
 बेहतर quality of life

देने में सफलता पाई है।


Orthotist के रूप में मेरी साफ़ सलाह

  • दर्द को सहकर न चलें

  • सिर्फ medicines पर निर्भर न रहें

  • ready-made collars से सावधान रहें

  • treatment हमेशा qualified, Experienced & registered Orthotist से कराएँ


Dr Rajiv Agrawal
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)


हमारी वेब साइट के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

www.FootCareJaipur.com

 

व्हाट्सप्प पर हमारी टीम से संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे 

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अस्वीकरण:
इस लेख में दी गई जानकारी केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं शैक्षणिक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह जानकारी सामान्य चिकित्सीय अनुभव, स्वीकृत वैज्ञानिक तथ्यों एवं उपलब्ध चिकित्सा साहित्य पर आधारित है।

यह लेख किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति एवं उपचार की आवश्यकता भिन्न हो सकती है।

पाठकों को यह सलाह दी जाती है कि वे इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर स्वयं कोई निदान या उपचार करें किसी भी प्रकार का उपचार, दवा, व्यायाम या चिकित्सीय निर्णय केवल योग्य एवं पंजीकृत चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की प्रत्यक्ष देखरेख एवं मार्गदर्शन में ही करें

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