अंग विच्छेदन (Amputation) के बाद मरीज की मनःस्थिति — निराशा से नई उम्मीद तक का सफर - by Dr Rajiv Agrawal, Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)
अंग विच्छेदन (Amputation) के बाद मरीज की मनःस्थिति — निराशा से नई उम्मीद तक का सफर डॉ. राजीव अग्रवाल Clinical Director (Prosthetics & Orthotics) Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) किसी व्यक्ति के जीवन में Amputation (अंग विच्छेदन) केवल शरीर का एक हिस्सा खोना नहीं होता, बल्कि यह उसके आत्मविश्वास, भावनाओं, सामाजिक पहचान और भविष्य की सोच को भी गहराई से प्रभावित करता है। जब कोई मरीज पहली बार यह सुनता है कि उसका हाथ या पैर अब उसके शरीर का हिस्सा नहीं रहेगा, तो वह केवल एक मेडिकल स्थिति का सामना नहीं कर रहा होता — वह मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक संघर्षों के सबसे कठिन दौर में प्रवेश कर रहा होता है। यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो स्वयं या अपने परिवार में किसी Amputee Patient , Artificial Limb , Prosthetic Leg , Below Knee Amputation , Above Knee Amputation , या Rehabilitation after Amputation जैसी परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। पहला चरण — “अब मेरी जिंदगी खत्म हो गई…” अम्पुटेशन के तुरंत बाद मरीज की मानसिक स्थिति अंग विच्छेदन के तुरंत बाद अधिकांश म...