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कृत्रिम अंग की देखभाल और रखरखाव - Tips for Basic Prosthetic Care for Comfort and convenience post Fitment

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  कृत्रिम अंग की देखभाल और रखरखाव फुट केयर जयपुर ( कृत्रिम अंग क्लिनिक 1998 से कार्यरत ) डॉ . राजीव अग्रवाल , क्लिनिकल डायरेक्टर ( प्रोस्थेटिक्स एवं ओर्थोटिक्स ) कृत्रिम अंग लगाने के बाद उसकी सही देखभाल और स्वच्छता बनाए रखना बहुत आवश्यक है। फुट केयर जयपुर ( कृत्रिम अंग क्लिनिक 1998 से कार्यरत ) के डॉ . राजीव अग्रवाल के अनुसार , कृत्रिम अंग की आयु और उपयोगकर्ता की सुविधा , उसकी नियमित सफाई और रखरखाव पर निर्भर करती है। प्रोस्थेटिक स्वच्छता : कृत्रिम अंग को रोज़ लिक्विड सोप और पानी से साफ करें। लाइनर या स्लीव को प्रतिदिन निर्देशानुसार धोकर सूखा पहनें। कभी भी कृत्रिम अंग को धूप या हीटर के पास न सुखाएँ। दुर्गंध या पसीने की समस्या होने पर तुरंत क्लिनिक से संपर्क करें। सामान्य रखरखाव : हर सप्ताह बेल्ट और जोड़ों की जाँच करें। किसी भी ढीलेपन या असामान्य आवाज पर फुट केयर   में जांच करवाएँ। सावधानियाँ : कृत्रिम अंग को पानी या अत्यधिक नमी से दूर...

शरीर से नहीं, मन से विकलांग होना सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो हर सीमितता को ताकत में बदला जा सकता है।

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 जयपुर के एक छोटे से मोहल्ले में रहने वाला आरव बचपन से ही कृत्रिम पैर के सहारे चलता था। एक सड़क दुर्घटना में उसने अपना पैर खो दिया था। शुरू-शुरू में उसे लगता था कि अब उसकी ज़िंदगी दूसरों पर निर्भर होकर ही कटेगी। दोस्तों के साथ खेलना, दौड़ना, साइकिल चलाना — सब मानो उसके जीवन से गायब हो गया था। एक दिन स्कूल में खेल प्रतियोगिता की घोषणा हुई। आरव ने अपने दोस्त से कहा, “काश मैं भी दौड़ पाता…” तभी उसके खेल शिक्षक, शर्मा सर , ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, “बेटा, पैर से नहीं, हौसले से दौड़ा जाता है।” यही वाक्य आरव के जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया। उसने अपने अंदर की शक्ति को पहचाना। रोज़ सुबह-शाम अभ्यास करने लगा। कई बार गिरा, चोट लगी, पर हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उसने कृत्रिम पैर के साथ संतुलन बनाना सीखा। कुछ महीनों बाद उसी स्कूल में “स्पेशल रन” का आयोजन हुआ। आरव ने भाग लिया। जब दौड़ शुरू हुई, तो बाकी बच्चे उससे आगे निकल गए, पर उसने रुकना नहीं सीखा था। चेहरे पर पसीना, आँखों में जज़्बा और दिल में सिर्फ एक बात — “मैं कर सकता हूँ।” फिनिश लाइन पार करते ही पूरी भीड़ तालियों से गूंज उठी। ...