Polio - General Problems which patients face - Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)



 


पोलियो (Polio): बचपन या युवावस्था की एक गलती, जो पूरी ज़िंदगी का बोझ बन जाती है

— एक Orthotist की नज़र से

क्लिनिक में आज भी कई ऐसे मरीज आते हैं जो कहते हैं:
“बचपन में पोलियो हो गया था, तब कोई खास इलाज नहीं हुआ… अब उम्र बढ़ने के साथ चलना बहुत मुश्किल हो गया है।”

मैं, Dr Rajiv Agrawal, पिछले कई दशकों से Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998) में पोलियो से प्रभावित मरीजों के साथ काम कर रहा हूँ। मेरा अनुभव यही कहता है कि पोलियो से ज़्यादा नुकसान गलत या अधूरा Orthotic Treatment करता है, जो बचपन या युवावस्था में किया जाता है।


पोलियो क्या है? (सरल शब्दों में)

पोलियो एक viral बीमारी है, जो शरीर की नसों (motor nerves) को नुकसान पहुँचाती है।
इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ता है:

  • पैरों की मांसपेशियों पर

  • घुटने और टखने की stability पर

  • चलने के संतुलन पर

अक्सर एक पैर ज़्यादा कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर का पूरा alignment बिगड़ने लगता है।


पोलियो के बाद दिखने वाले आम लक्षण

हम जिन मरीजों को देखते हैं, उनमें ये समस्याएँ बहुत आम हैं:

  • एक पैर छोटा या पतला दिखना

  • घुटने का पीछे की ओर झुक जाना (knee instability / Hyperextension)

  • पैर का लटकना (foot drop)

  • चलने में ज़्यादा energy लगना

  • उम्र बढ़ने के साथ पीठ, कमर और दूसरे पैर में दर्द

  • उम्र बढ़ने के साथ तेजी से थकान


सबसे बड़ी समस्या कहाँ से शुरू होती है?

 गलत या अधूरी Bracing

बहुत से मरीज बताते हैं कि:

  • बचपन में brace तो दिया गया था, लेकिन

    • सही measurement नहीं थी

    • growth के साथ brace बदला नहीं गया

    • locally fabricated या ready-made brace दे दिया गया

नतीजा यह होता है कि:
 शरीर गलत तरीके से compensate करता है
 joints पर extra stress पड़ता है
 35–45 की उम्र आते-आते severe pain और deformity शुरू हो जाती है


“दवा चल रही है, लेकिन फायदा नहीं” — क्यों?

यह समझना बहुत ज़रूरी है:

  • पोलियो में दवा muscles को वापस strong नहीं बना सकती

  • असली ज़रूरत होती है:

    • सही support

    • सही alignment

    • सही walking Pattern

यहीं पर Orthotics की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।


Orthotist के रूप में मेरा काम क्या होता है?

हम सिर्फ brace नहीं देते, हम यह समझते हैं कि:

  • कौन-सी muscles काम कर रही हैं

  • कौन-सी पूरी तरह weak हैं

  • knee और ankle को कितनी support चाहिए

  • कौन-सी Orthosis की ज़रूरत है या नहीं, और वह किस तरह से बनायीं जानी चाहिए 

इसके बाद ही custom-designed orthosis बनाई जाती है।


पोलियो में Orthotics कैसे मदद करते हैं?

सही तरीके से prescribed और fabricated Orthosis:

  • घुटने को collapse होने से रोकते हैं

  • पैर को सही alignment में रखते हैं

  • energy loss कम करते हैं

  • कमर और दूसरे पैर पर दबाव घटाते हैं

  • मरीज को confidence के साथ चलने में मदद करते हैं

हमारे अनुभव में, जिन मरीजों को देर से सही brace मिलता है, उन्हें भी functional improvement मिलती है—बशर्ते brace सही हो।


मरीज आमतौर पर क्या गलतियाँ करते हैं?

  • शुरुआती दिनों मैं मरीज ब्रेस की आवश्यकता को अनदेखा कर देता है 

  • पुराने brace को सालों तक नहीं बदलवाना 

  • pain को “उम्र का असर” मान लेना

  • क्वालिफाइड orthotist की सलाह नहीं लेना 

  • follow-up न कराना

पोलियो एक static disease है, लेकिन इसके complications dynamic होते हैं—समय के साथ बढ़ते हैं।


परिवार की भूमिका क्यों अहम है?

परिवार को यह समझना ज़रूरी है कि:

  • brace पहनना कमजोरी नहीं, समझदारी है

  • सही support से मरीज आत्मनिर्भर रह सकता है

  • समय पर intervention future disability को रोक सकता है


सही समय + सही Orthotics = बेहतर भविष्य

अगर पोलियो से प्रभावित व्यक्ति:

  • 40–50 की उम्र में pain से जूझ रहा है

  • चलने में डर महसूस करता है

  • बार-बार गिरता है या थक जाता है

तो यह last stage नहीं है—अब भी सही Orthotic Management से ज़िंदगी बेहतर हो सकती है।


अंत में…

पोलियो के मरीजों के लिए मेरी एक सीधी सलाह है:
गलत brace पूरी ज़िंदगी की कीमत वसूल करता है।
सही brace, सही समय पर—भविष्य बचा सकता है।


Dr Rajiv Agrawal
Clinical Director (Prosthetics & Orthotics)
Foot Care Jaipur (Artificial Limb Clinic Since 1998)




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