एड़ी में दर्द एक आम समस्या
एड़ी में दर्द एक आम समस्या है, जो काम-काज, चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में दिक्कत पैदा करता है । लोग अक्सर इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं या सिर्फ दर्द निवारक दवाएं लेकर राहत पाने की कोशिश करते हैं, जिससे न सिर्फ स्थायी राहत नहीं मिलती, बल्कि दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं ।
दर्द
और लक्षण
- सुबह उठकर या लंबे समय के बाद पहली बार चलने पर एड़ी में तीखा दर्द महसूस होना सबसे आम लक्षण है।
- एड़ी में जलन, सूजन, लालिमा, या चलने पर दबाव महसूस होना।
- लगातार खड़े रहने, दौड़ने, या ऊंची एड़ी की चप्पल पहनने पर दर्द बढ़ना।
- अगर नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह दर्द टांगों या पंजों तक भी फैल सकता है ।
सबसे
ज्यादा इस्तेमाल होने वाले, लेकिन अप्रभावी, समाधान
अधिकांश
लोग इस दर्द के
लिए ये उपाय अपनाते
हैं:
- पेन किलर या दर्द निवारक दवाएं लेना।
- अकारण जूते बदलना या बिना सपोर्ट वाली चप्पल पहनना।
मुख्य
कारण: प्लांटर प्रेशर और देर से इलाज के परिणाम
एड़ी
के नीचे की फैशिया
टिश्यू (Plantar
fascia) पर ज्यादा दबाव पड़ने से
सूजन और चोट आती
है। बार-बार गलत
तरीकों से चलना, ज्यादा
वजन होना अथवा गलत
जूते पहनने से भी प्रेशर
बढ़ता है। समय पर
इलाज नहीं मिलने पर
समस्या बढ़कर क्रॉनिक (पुरानी) बन जाती है:
- लगातार दर्द और चलने-फिरने में असुविधा।
- शरीर का अन्य हिस्सा, जैसे घुटने और रीढ़, भी तनाव में आ सकता है।
- चलने की आदत बिगड़ जाने से वजन बढ़ना और डिप्रेशन का खतरा ।
दवाओं
और सर्जरी के बिना इलाज: ऑर्थोटिक्स
सबसे
सुरक्षित और टिकाऊ समाधान
है कस्टम मेड ऑर्थोटिक्स का
उपयोग:
- ऑर्थोटिक्स यानी खास तरह के इनसोल्स, जो पैर के आकार और समस्या के अनुसार बनाए जाते हैं।
- ये एड़ी के नीचे प्रेशर को समान रूप से वितरित करते हैं और चलने के दौरान सपोर्ट देते हैं।
- ऑर्थोटिक्स से दर्द और सूजन कम होती है, टिश्यू को समय मिलता है खुद को ठीक करने का।
- कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, और दवाओं या सर्जरी की जरूरत भी नहीं पड़ती।
- सही ऑर्थोटिक्स पहनने से भविष्य में दर्द लौटने का खतरा भी कम होता है ।
इसलिए
अगर आपको एड़ी में
दर्द है, तो दवा
लेने के बजाय अपने
पैरों की सही देखभाल
करें। विशेषज्ञ से सलाह लेकर
कस्टम ऑर्थोटिक्स लगवाएं और आराम से
चलें-फिरें बिना किसी साइड
इफेक्ट के।

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